बवासीर का इलाज़ जो इसे करे जड़ से खत्म

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आज हम आपको इस पोस्ट मे खूनी बवासीर का इलाज़ क्या है ये जानकारी काफी विस्तार से देंगे। इस रोग मे गुदाद्वार पर मस्से फूल जाते हैं । मलद्वार की नसें फूल जाने से वहाँ की त्वचा सख्त हो जाती है और अंगूर की भांति एक-दूसरे से जुड़े हुए गुच्छे से उभर आते हैं, जिनसे खून बहने लगता है। उसे खूनी बवासीर के नामे से जाना जाता है

बवासीर क्या है? (WHAT IS PILES)

इस रोग मे गुदाद्वार पर मस्से फूल जाते हैं । मलद्वार की नसें फूल जाने से वहाँ की त्वचा सख्त हो जाती है और अंगूर की भांति एक-दूसरे से जुड़े हुए गुच्छे से उभर आते हैं, जिनसे खून बहने लगता है। उसे खूनी बवासीर के नामे से जाना जाता है। जिससे खून नहीं बहता है उसे हम बादी बवासीर के नामे से जानते हैं। (डायबिटीज कंट्रोल करने के अचूक उपाए)

बवासीर के प्रकार क्या हैं?

बवासीर दो प्रकार की होती है और में आपको दोनों तरह के बवासीर का इलाज़

  1. आंतरिक बवासीर: यह आमतौर पर मलाशय के अंदर पाया जाता है। अक्सर, प्रमुख संकेत मलाशय से खून बहना होता है। मल के दौरान तनाव आंतरिक रूप से धक्का देने से होता है क्योंकि यह गुदा से गुजरता है। यह एक विकृत या लम्बी अवस्था के रूप में जाना जाता है और यह दर्दनाक हो सकता है।
  2. बाहरी बवासीर: आम तौर पर यह गुदा के पीछे-छोर के आसपास की त्वचा के नीचे पाया जाता है। स्टूल पास करते समय दबाव डालना, नसों में बहुत अधिक दबाव के कारण रक्तस्राव हो सकता है।(उच्च रक्तचाप (High BP) उपचार)

बवासीर होने के क्या कारण होते हैं? (CAUSES OF PILES)

  • यह रोग अधिकतर उन लोगो को होता है जो अक्सर बैठे रहते हैं।
  • जिन्हे पुरानी कब्ज रहती हैं।
  • जो अधिक मदिरापन करते हैं।
  • बूढ़े लोगों को यह रोग प्रोस्टेट ग्रंथि के बड़ जाने के कारण और मूत्राशय मे पथरी बन जाने से हो जाता है।
  • इस रोग की उत्पति ज्यादा तीखा खाने से भी हो जाती है।
  • ज्यादा ज़ोर लगाकर सौचक्रिया करने से।
  • लीवर की खराबी होने से।
  • रोगी प्रतिदिन कमजोर होता चला जाता है। ( भूख बढ़ाने के घरेलू और रामबाण उपचार )
  • जांघों मे दर्द रहता है।
  • गुदा मे खुजली रहती है।

बवासीर के लक्षण क्या होने हैं?(SYMPTOMS OF PILES)

बवासीर का इलाज़
SYMPTOMS OF PILES
  • मलद्वार की नशों का फूल जाना
  • अंगूर की भांति एक-दूसरे से जुड़े हुए गुच्छे से उभर आते हैं, जिनसे खून बहने लगता है।
  • आपके रियर-एंड के पास मस्सा या गांठ, जो संवेदनशील या दर्दनाक हो सकती है
  • आपके गुदा में झुनझुनी या जलन
  • दर्द या असुविधा
  • आपके गुदा के आसपास सूजन

बवासीर का इलाज़ इलाज़ क्या है? (TREATMENT OF PILES)

यह खूनी बवासीर के निवारण के कुछ घरेलू उपचार है जो इस रोग से निपटने मे आप सभी की बहुत सहायता करेंगे।

बवासीर का इलाज़ दवाओं के साथ (Allopathic medicines for piles)

इन सभी दवाओं को लेने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

  • डॉक्टर बटलर: जलन, खुजली, रक्तस्राव को कम करने में मदद करता है।
  • ट्रोनोलेन हेमोर्रोइड्स क्रिम: यह अच्छा करने और दर्द, खुजली और दर्द को कम करने के लिए कसैले के रूप में काम करता है।
  • हेम नियंत्रण कैप्सूल: यह क्रीम, मलहम या अन्य उपचार का एक विकल्प है।
  • मदरलव ओरगेनिक र्होइड बाम: यह गर्भवती महिलाओं के लिए मरहम के रूप में एक विशेष उपयोगी है। (VISIT ON MY YOU TUBE)

खूनी बवासीर के घरेलू उपचार (Home Remedies for bleeding Piles)

  1. सूखे आंवले को पीसकर 1 चाय का चम्मच भर सुबह शाम 2 बार छाछ या गाय के दूध के साथ लेने से खूनी बवासीर मे लाभ मिलता है।
  2. अनार के छिलके का चूर्ण 8-8 ग्राम की मात्रा मे सुबह-शाम ताजे पानी के साथ सेवन करने से रक्त गिरने की सिकायत दूर हो जाती है।
  3. 100 ग्राम प्याज के रस मे 50 ग्राम चीनी मिलाकर पीने से खूनी बवासीर मे काफी लाभ मिलता है।
  4. एक सफ़ेद मुली को काटकर नमक लगाकर रात्रि के समय ओस मे रख दे फिर इसे प्रातः खाली पेट खाएं तथा मल त्यगोप्रान्त गुदा भी मुली के पानी से धोएँ बहुत लाभ मिलेगा।
  5. खूनी बवासीर में 1 चम्मच करेले का रस चीनी मिलाकर पीने से लाभ मिलता है।
  6. 1 ग्राम फिटकरी और 100 ग्राम दही और 200 ग्राम पानी मिलाकर पीने से समस्त अंगो का रक्त गिरना बंद हो जाता है।
  7. खूनी बवासीर मे मिश्री मिलाकर धनिये का रस पीने से शीघ्र लाभ होता है।
  8. मूली के टुकड़ों को घी में तलकर चीनी के साथ खाएं। मूली काटकर उस पर शक्कर डालकर नित्य 2 माह तक खाने से बवासीर ठीक हो जाती है।
  9. 50 ग्राम काले तिल इतने पानी में भिगोएं कि उस पानी को तिल ही सोख लें। आधा घंटा भिगोकर पीस लें। इनमें 1 चम्मच मक्खन और 2 चम्मच पिसी हुई मिसरी मिलाकर सुबह-शाम दिन में 2 बार खाने से बवासीर से रक्त गिरना बंद हो जाता है।
  10. खूनी बवासीर (Bleeding Piles) हो, गुदा (Anus) बाहर आती हो तो फिटकरी को पानी में घोलकर गदा में पिचकारी देने से लाभ होता है। 
  11. एक गिलास जल में पिसी हुई फिटकरी मिलाकर, नित्य गुदा को धोए साफ-रवच्छ कपड़ा फिटकरी के पानी में भिगोकर गुदा पर रखें। इससे खूनी बवासीर मे बहुत लाभ मिलता हैं।

वादी बवासीर के घरेलू उपचार ( Home Remedies for Piles)

  1. मीठा अमरस आधा कप, मीठा दही 25 ग्राम और अदरक का रस 1 चम्मच (यह 1 मात्रा है।) यह सब मिलाकर दिन में नित्य 3 बार पिएं। इस प्रयोग से पुराने दस्त, दस्तों में अपच के कण निकलना और बवासीर ठीक होती है।
  2. बवासीर और कब्ज को दूर करने के लिए प्रातःकाल भूखे पेट अमरूद खाना उपयोगी है।
  3. शौच करते समय बाएं पैर पर जोर देकर बैठें। इस प्रयोग से बवासीर के मस्से नहीं होते हैं और मल साफ आता है।
  4. ग्वार के पौधे के हरे पत्ते और काली मिर्च 11-11 लेकर पीसकर 62 ग्राम पानी में मिलाकर प्रातः 1 बार 1 दिन पीने से बादी बवासीर (वह बवासीर जिसमें रक्त नहीं गिरता) ठीक हो जाती है।
  5. बवासीर के मस्से चुकन्दर खाते रहने से झड़ जाते हैं।
  6. तोरई की सब्जी बवासीर और कब्ज दोनों को ठीक करती है।
  7. सुर्यौदय से पहले आक के पत्ते का दूध की 3 बूंद बताशे मे डालकर खाने से बवासीर मे बहुत लाभ मिलता है।
  8. 10 वर्ष पुराना घी लगाने से बवासीर के मस्से जड़ से खत्म हो जाते हैं।
  9. गरम दूध मे ईसबगोल की भूसी लेने से पाखाना खुलकर आता है और बवासीर मे काफी लाभ मिलता है।
  10. 10 ग्राम फिटकरी को बारीक पीशकर 20 ग्राम मक्खन मे मिलाकर लगाने से बवासीर के मस्से खत्म हो जाते हैं
  11. नीम और पीपल के पत्ते घोट-पीसकर मस्सो पर लेप करने से मस्से सूख जाते हैं।
  12. काले सर्प की केंचुली जलाकर सरसों के तेल मे मिलाकर गुदा मे चुपड़ने से मस्से जड़ से खत्म हो जाते हैं।

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