भूख बढ़ाने के घरेलू और रामबाण उपचार

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आज कल की जीवन हर व्यक्ति बहुत ज्यादा तनावग्रस्त रहने लगा है. और इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में अपने शरीर को चलने के लिए खाना एक बहुत ही अहम् हिस्सा है यदि आपको भूख कम लगती है या फिर ठीक तरह से अपने भोजन को नहीं ले पा रहे है तो यह एक गमंभीर समस्या है. क्योंकि शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्व भोजन से प्राप्त होते है . और सही समय पर या कम खाना खाने के कारण आज कल लोगों में दुबलपान और कमजोरी जैसी कई समस्या हो रही है. बाजार में और रेस्ट्रोरेंट में मिलने जंक फ़ूड से बच्चे ही नहीं बढे लोग भी कम भूक लगने लगी है. (मोटापे से छुटकारा)

भूंख ना लगने के लक्षण और कारण (Symptoms and causes of anorexia)

खाने में अरुचि अर्थात खाने की इच्छा न होना। रोगी अपनी इच्छा के विरुद्ध खाना खाने बैठ जाए तथा दो-चार कौर या एक-आध फुलका खाने के बाद ही उसे ऐसा मुहसुस हो कि उसका पेट खूब भर गया है, इससे अधिक वह अब नहीं खा सकता। रोगी को बिना कुछ खाए-पिए ही खट्टी-खट्टी डकारें आती हैं, दिल भरा-भरा रहता है। पेट में भारीपन महसूस करता है, मुंह में पानी भर आना, थोड़ी-सी मेहनत से ही थक जाना, खाना खाकर भी तबियत खुश न रहना प्रमुख लक्षण हैं।(डायबिटीज कंट्रोल करने के अचूक उपाए)

Causes of Anorexia

लंबे अरसे तक रोग बने रहने पर रोगी के वजन में भी कमी आना प्रारंभ हो जाता है। इसे ‘अरोधक’ के नाम से भी जाना जाता है। कब्ज, चिंता, भय, क्रोध, घबराहट, हिस्टीरिया, संक्रामक ज्वर (न्यूमोनिया, खसरा, चेचक, मलेरिया आदि) अनिद्रा, आमाशय प्रदाह, आमाशय व आंत्र संबंधी अन्य रोग तथा कैंसर एवं जिगर की खराबी के कारण यह रोग हो जाता है। आमतौर पर यह रोग सुसाध्य है, किंतु लापरवाही करने पर रस, रक्त, मांस आदि धातुएं सूखने लगती हैं। (खून की कमी)

भूंख बढ़ाने के घरेलू उपचार (Home remedies to enhance appetite)

1. काली मिर्च आधा चम्मच, तवे पर भुना हुआ जीरा 1 चम्मच, सेंकी हुई हींग चने की दाल के बराबर, अनारदाना सत्तर ग्राम और सेंधा नमक स्वादानुसार लेकर इन सबको पीस लें। यह स्वादिष्ट अनारदाना चूर्ण बन जाएगा। इसको खाने से अरुचि नष्ट हो जाती है तथा मन प्रसन्न हो जाता है।

2. सेंधा नमक और काली मिर्च के साथ फालसे खाना अरुचि नाशक सफल प्रयोग है।

3. 3 ग्राम पोदीने में जीरा, हींग, काली मिर्च और मामूली नमक डालकर पीने से पेट दर्द और अरुचि में लाभ होता है।

4. किसी अच्छे मिष्टान्न भंडार अथवा नमकीन विक्रेता के यहां बिकने वाली मोट की दाल खाने से अरुचि दूर हो जाती है।

5. धनिया, छोटी इलायची और काली मिर्च (प्रत्येक को बराबर मात्रा में लेकर) पीसकर चौथाई चम्मच घी और चीनी में मिलाकर खाने से अरुचि दूर होती है।

6. 6 ग्राम खट्टे अनार का रस और 12 ग्राम शहद मिलाकर उसमें थोड़ा-सा सेंधा नमक डालकर पीने से असाध्य अरुचि रोग में भी लाभ हो जाता है।

7. अरुचि यानी खाने-पीने की इच्छा न होने पर 1 कप पानी में स्वादानसार इमली और बारीक पिसी हुई कपड़छन चौथाई चम्मच-भर काली मिर्च व छानकर नित्य 4 बार सेवन करने से अरुचि नष्ट होकर खान-पान के रुचि उत्पन्न हो जाती है।

8. नाशपाती के रस में पीपर का चूर्ण डालकर पीने से अरुचि मिट जाती है।

9. 1 ग्राम से 3 ग्राम तक अदरक को छीलकर बारीक-बारीक कतर लें और थोड़ा-सा सेंधा नमक अथवा रसोई में काम आने वाला साधारण नमक लगाकर भोजन से आधा घंटा पूर्व दिन में 1 बार 8 दिन खाने से अरुचि दूर होकर भूख लगने लगती है। हाजमा ठीक हो जाता है और पेट की हवा साफ होती है। (भोजन में प्रथम नमक और अदरक का सेवन अग्नि दीपक, रुचिकारक, जीभ और कंठ शोधक है। पेट दर्द, अफारा, बदहजमी, पेचिश तथा कब्ज नाशक भी है। (हेपेटाइटिस बी रोग का इलाज )

10. अदरक और सेंधा नमक के मिश्रण पर कुछ बूंदें नीबू की निचोड़कर भोजन से पूर्व खाने से अफारा, गुल्म और उदर शूल नष्ट होता है। अजीर्ण नष्ट होकर अग्नि प्रदीप्त होती है तथा भोजन में रुचि उत्पन्न होती है। इस प्रयोग से वायु, कफ, कब्ज और आमवात नष्ट होता है। अनार के रस में जीरा और शक्कर मिलाकर पीने से अरुचि नष्ट हो जाती है।

11. नीबू के रस में उसका दोगुना पानी तथा लौंग और काली मिर्च का चूर्ण डालकर पीने से अरुचि में लाभ होता है।


About Daya Shankar

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