कौन-सा विशेषज्ञ कब काम आता है

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कौन से डॉक्टर को कब दिखाया जाता है

आयुर्विज्ञान (Medical science) में आज इतनी विविध शाखाएँ हो गई हैं कि कई बार यह तय कर पाना मुश्किल हो जाता है कि किस तकलीफ के लिए किस विशेषज्ञ का द्वार खटखटाया जाए। तरह-तरह के गलत-सलत विज्ञापन इस मुद्दे को और पेचीदा और मुश्किल बना देते हैं। | एक समझदार फैमिली डॉक्टर यह मुश्किल आसानी से हल कर सकता है। फिर भी कुछ मूल जानकारी होना हर किसी के लिए जरूरी है। हम जिस डॉक्टर के पास जाएँ, उसके बारे में कम से कम इतना तो जानें ही कि वह किस विषय का ज्ञाता है।

शुरुआत जी.पी. से ही करते हैं। जी.पी. यानी जनरल फिज़ीशियन , जो छोटे-मोटे हर किस्म के मर्ज का इलाज करता है। इसके लिए उसकाकम से कम मेडिकल ग्रेजुएट (एम.बी.बी.एस.) होना जरूरी है। ध्यान रहे कि इस देश में कई नीम-हकीम भी अपने को जनरल फिज़ीशियन लिखने से बाज नहीं आते। पेचीदा मामलों में जी.पी. ही इलाज के लिए विशेषज्ञ के पास भेजता है। । अलग-अलग विशेषज्ञ अपने-अपने विषय के ज्ञाता होते हैं। उनकी निपुणता उनके प्रशिक्षण और अनुभव पर आधारित होती है। मेडिकल ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने किसी एक खास चिकित्सा शाखा में अध्ययन किया होता है और अनुभव हासिल किया होता है।

उनकी दक्षता (Efficiency) किस विषय में है, इसे व्यक्त करने के लिए अलग-अलग शब्दावली काम में लाई जाती है ।

एनेस्थीसियॉलजिस्ट (Anaesthesiologist)

या कहें एनेस्थीसिया देने वाला डॉक्टर। ऑपरेशन के समय यह न सिर्फ रोगी को संवेदनाहारी देता है बल्कि उसके जीवन परी देखभाल करता है। ऑपरेशन से पहले यह रोगी की पूरी जाँच-पटना कर यह भी सुनिश्चित करता है कि रोगी आपरेशन कराने लायक तो है। ऑपरेशन के बाद भी वही रोगी की हालत पर निगरानी रखता है।

गंभीर रूप से बीमार रोगी की गहन चिकित्सा कक्ष में देखरेख का दायित्व भी उसी पर होता है।

कार्डियॉलजिस्ट Cardiologist

Cardiologist

हृदय रोग विशेषज्ञ। यानी दिल की बीमारी में मरीज की देखरेख और इलाज करने वाला डॉक्टर।। कार्डियो-थोरेसिक सर्जन : दिल, धमनियों, और छाती के ऑपरेशन करने वाला शल्य-चिकित्सक। चाहे बायपास सर्जरी हो, दिल या धमनियों का पैदाइशी विकार हो या दिल के वाल्व की खराबी, ऑपरेशन करने की जिम्मेवारी इसी विशेषज्ञ की होती है।



चेस्ट फिजिशियन (CHEST Physician)

फेफड़ों और पूरी श्वसन प्रणाली की बीमारियों का चिकित्सक जैसे फेफड़ों का टीबी इतियादी। (टीबी का इलाज़)
(निमोनिया )

डर्मेटॉलजिस्ट (Dermatologist)

त्वचा के रोगों का डॉक्टर जैसे फोड़े फूंशी या त्वचा मे किसी और प्रकार की समस्या। यौन-रोगों का इलाज भी यही करता है।

एंडोक्राइनॉलजिस्ट (Endocrinologist)

शरीर की हार्मोनल प्रणाली के विकारों का इलाज करने वाला विशेषज्ञ। डायबिटीज, थायरॉयड ग्रंथि, पीयूष ग्रंथि, एड्रिनल ग्रंथि के विकारों का इलाज यही विशेषज्ञ करता है। । गैस्ट्रो-एंटरॉलॅजिस्ट : शरीर की पाचक प्रणाली के अंगों का इलाज यह विशेषज्ञ करता है।
(टेस्टोस्टेरोन कम होने के लक्षण )


गाइनिकॉलजिस्ट (Gynaecologist)

Gynaecologist

महिला रोग विशेषज्ञ, जो स्त्री-जनन-अंगों के रोगों का इलाज करता है। यही ऑबस्टेट्रिशियन की जिम्मेदारी भी पूरी करता है। और जच्चा की पूरी देख रेख करता है।

नेफरॉलजिस्ट (Nephrologist)

गुर्दे की बीमारियों का इलाज करने वाला विशेषज्ञ। गुर्दे काम करना बंद कर दें तो डायलिसिस से यही मरीज के खून को साफ करता है।

न्यूरॉलजिस्ट (Neurologist)

मस्तिष्क, मेरुदंड ( रीड़ की हड्डी) और तांत्रिकीय रोगों का विशेषज्ञ।

न्यूरो सर्जन (Neuro Surgeon)

मस्तिष्क, मेरुदंड ( रीड़ की हड्डी) और तंत्रिकीय तंत्र (Nervous system) के रोगों और चोटा की शल्य-चिकित्सा करने वाला सर्जन।

ऑप्थेल्मॉलजिस्ट (Ophthalmologist)

नेत्र रोग विशेषज्ञ जो आँखों की बीमारियों में दवा और सर्जरी से इलाज करता है

ओटो-लेरिगो-राइनॉलजिस्ट (ENT Specialist)

कान-नाक-गले का चिकित्सक, या कहें ई.एन.टी. सर्जन।

ऑर्थोपीडिक सर्जन (Orthopaedics Surgeon)

Orthopaedic

हड्डियों और जोड़ों की टूट-फूट, विकृतियों और रोगों की चिकित्सा और शल्य-चिकित्सा करने में निपुण होता है।

रेडियॉलजिस्ट (Radiologist)

विशेषज्ञ डॉक्टर जिसकी निपुणता एक्स-रे, दवा के साथ की गई विशेष एक्स-रे जाँच, अल्ट्रासाउंड, सी.टी. स्कैन और एम. आर. आई. द्वारा रोग का सही निदान करने में होती है।

रेडियोग्राफर (Radiographer)

टेक्नीशियन जो एक्स-रे, ईसीजी लेता है।

ऑन्कॉलजिस्ट (Oncologist)

Oncologist

ट्यूमर और कैंसर चिकित्सा में विशेषज्ञ डॉक्टर। रेडियोथैरेपिस्ट विकिरण से और ऑन्कोसर्जन आपरेशन से कैंसर का इलाज करते हैं।


पीडियट्रिशियन (Pediatrician)

बच्चों का इलाज करने वाला विशेषज्ञ।


पीडियट्रिक सर्जन (Pediatric surgeon)

बच्चों की सर्जरी करने वाला विशेषज्ञ।

प्लास्टिक सर्जन (Plastic Surgeon)

जले हुए रोगियों की चिकित्सा और किसी बाह्य अंग की रचना में सुधार और पुनर्रचना करने वाला. शल्य विशेषज्ञ। कॉस्मेटिक (सौंदर्यवर्धन) सर्जरी इसी की उप-शाखा है।

पैथॉलजिस्ट (Pathologist)

Pathologist

ऊतकीय अध्ययन और मरीज के शरीर से लिए गए द्रव, कोशिकाओं, ऊतकों और स्राव की विधिवत जाँच कर रोग के निदान तक ले जाने वाला विशेषज्ञ चिकित्सक।

साइकियाट्रिस्ट (Psychiatrist)

मन के रोगों की चिकित्सा करने वाला विशेषज्ञ।

साइकॉलॅजिस्ट (Psychologist)

मनोवैज्ञानिक, जो मन को काउंसलिंग से टटोल कर मानसिक और भावनात्मक समस्याओं का समाधान सुझाता है।

सर्जन (Surgeon)

Surgeon

शल्य विशेषज्ञ, जो ऑपरेशन द्वारा रोगी का उपचार करने में दक्ष होता है। कई उप-शाखाएँ बन जाने के कारण अब सर्जन भी अलग-अलग क्षेत्र में पारंगतता हासिल करने लगे हैं। फिर भी एक कुशल जनरल सर्जन लगभग हर किस्म की सर्जरी कर सकता है।


यूरॉलॅजिस्ट (Urologist)

गुर्दे और मूत्रीय प्रणाली के अंगों का शल्य विशेषज्ञ । पुरुष जनन अंगों से जुड़ी समस्याओं का निदान भी यही करता है।


गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट (Gastroenterologist)

गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट पाचन तंत्र के संक्रमण और सूजन और लिवर से जुड़ी समस्या जैसे हेपेटाइटिस, पीलिया जैसी समस्याओ का इलाज़ करने मे स्पेशलिस्ट होते हैं ।


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