पार्किनसन रोग का क्या इलाज है ?

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पार्किनसन रोग का क्या इलाज है ?

दवाओं से, व्यायाम से, समुचित थैरेपी से अधिकांश रोगियों को लाभ पहुँचाया जा सकता है, लेकिन अब तक कोई ऐसा इलाज नहीं है। जिससे रोग को दूर किया जा सके। | इलाज के लिए न्यूरोलॅजिस्ट के पास जाना होता है। मामले की गंभीरता और लक्षणों के आधार पर समय-समय पर दवा बदली भी जाती है।

कंपन को दूर करने के लिए टाइहेक्सी-फेनिडिल (पेसिटेन), प्रोसाइक्लिडिन (किमेड्रिन), बेंजहेक्सोल (पारनॉन) सरीखी ऐटिकोलिनर्जिक दवाएँ दी जाती हैं। ये दवाएँ आराम के समय रहने वाले कंपन में प्रभावी सिद्ध होती हैं। जबकि कामकाज करने पर कंपन हो, तो प्रोप्रेनोलाल उपयोगी सिद्ध होती है। लेकिन निष्क्रियता मिटाने और शारीरिक मुद्रा में सुधार लाने के लिए सबसे प्रभावी दो
लेवोडोपा (लेवोपा, बेनस्पार) और लेवोडोपा-काबिडोपा समिश्रण (सीनडोपा, टाइडोमेट) हैं। ब्रोमोक्रिप्टिन (पेविडेल, प्रोक्टीनाल) भी कई मामलों में उपयोगी साबित होती हैं।


उन्हें जरूरत के समय कछ मामलों में शल्य-चिकित्सा द्वारा भी सुधार ला सकता है। मस्तिष्क में इलैक्ट्राड लगाकर उन्हें जरूरत सक्रिय करने की नायाब तकनीक पर भी काम चल रहा है। दवाओं की खोज भी जारी है। इनमें कुछ ऐसी दवाएँ भी हैं । शायद रोग को रोक पाने में समर्थ निकलें।

|लेकिन रोगी का अपना निश्चय भी अत्यंत महत्त्वपूर्ण होता है। वह अपने पर कितना विश्वास रखता है और कितनी सक्रियता बनाए रखता है, इसी पर उसकी आत्म-निर्भरता टिकी रहती है। वह रोजाना अपना काम खुद करे, मित्रों या परिवारजनों के साथ शतरंज, चाइनीज चेकर या ताश खेले, टेलीविजन देखे, दोस्तों के यहाँ जाए, सैर के लिए जाए-इससे उसका मनोबल बना रहेगा और जीवन में रस भी आएगा।

यह सोच कर परेशान, क्रोधित या अवसाद में डूबने से, कि रोग क्यों लगा और आगे क्या होगा, कोई लाभ नहीं। इससे लक्षण और उग्र हो जाते हैं। सच को स्वीकार करने और जीवन को भरपूर जीने में ही सारा सुख निहित है।

क्या-क्या सावधानियाँ उपयोगी साबित होती हैं?

किसी भी गतिविधि के लिए अपने पास पर्याप्त समय रखें। ऐसा न हो कि कोई प्रतीक्षा कर रहा हो और उसकी अधीरता दूर करने के लिए हड़बड़ी करनी पड़े। हड़बड़ाहट से उलटा और अधिक समय ज़ाया होता है।

यदि कोई काम करने या व्यायाम करने में असुविधा महसूस हो, तो हिम्मत न हारें। जितना हो सके, उतना कर लें और खुश रहें। । परिवारजन कितना भी प्यार दें ध्यान रखें, उन पर आश्रित न बनें; जहाँ तक हो सके अपनी आत्मनिर्भरता बनाए रखें। । एक समय पर एक ही काम करें और उसमें पूरा ध्यान लगाएँ। एक साथ दो चीजें करने की कोशिश करना ठीक नहीं।

पार्किनसन रोग क्या है ?



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I am Living in Delhi and I am a Medical Student.
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