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Testostrone Hormone

टेस्टोस्टेरोन कम होने के लक्षण कारण टेस्ट और उपचार

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टेस्टोस्टेरोन क्या है?

टेस्टोस्टेरोन एक हॉर्मोन है जो की पुरुषों के अंडकोष | टेस्टिकल में बनाया जाता है। यह एक मेल हॉर्मोन है जो की सेक्स ड्राइव समेत उनके पुरुष लक्षणों जैसे की मूंछ, दाढ़ी, बालों का डिस्ट्रीब्यूशन, आवाज़ का भारीपन आदि के लिए जिम्मेदार है। कुछ कारणों से पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम हो सकता है जिससे सेक्स ड्राइव कम हो सकती है, इरेक्शन पाने में समस्या आने लगती है, स्पर्म का बनना कम हो जाता है और नींद सम्बन्धी समस्याएं हो सकती हैं।

टेस्टोस्टेरोन कहाँ बनता है?

पुरुष की अंडग्रंथि या टेस्टिकल के अन्दर कई सेल्स पायी जाती हैं, जिनमें से सेरेटोली सेल शुक्राणु तैयार करने के लिए और लेडिग टेस्टोस्टेरोन के उत्पादन के लिए जिम्मेदार है।टेस्टोस्टेरोन के उत्पादन और उत्सर्जन को पीयूष ग्रंथि से निकलने वाला लूटेनाइजिंग हॉर्मोन नियंत्रित करता है। पीयूष ग्रन्थि का नियंत्रण हाईपोथैलमस से निकलने वाले गोनेडोट्रोपिन रिलीजिंग हॉर्मोन के पास होता है।

टेस्टोस्टेरोन क्या है?
टेस्टोस्टेरोन कहाँ बनता है?
टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम होने का क्या असर हो सकता है?
टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम होने का कारण क्या है?
टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम होने के लक्षण क्या हैं?
टेस्टोस्टेरोन के लिए क्या  टेस्ट होता है?
टेस्टोस्टेरोन का स्तर कैसे मापा जाता है
कम टेस्टोस्टेरोन एलोपैथी इलाज क्या है?
टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने  के घरेलू  इलाज क्या है?
टेस्टोस्टेरोन के लिए किस डॉक्टर दिखाना होता है। 

 

टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम होने का क्या असर  सकता है?

टेस्टोस्टेरोन के कम हो जाने पर सीधा असर सेक्स लाइफ पर पड़ता है। जिन पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन कम होता है उन्हें इरेक्शन पाने में दिक्कत होती है। लिबिडो कम हो जाता है और इरेक्शन कम होते हैं। इरेक्शन उतने स्ट्रोंग भी नहीं होते।

टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम होने का कारण क्या है?

30-40 की उम्र के बाद से
दवा के दुष्प्रभाव, जैसे रसायन चिकित्सा
अंडकोष की चोट या कैंसर
मस्तिष्क में ग्रंथियों कि हार्मोन का उत्पादन पर नियंत्रण के साथ कोई समस्या
कम थाइरोइड
बहुत ज्यादा शरीर पर चर्बी (मोटापा)
निम्न रोग भी टेस्टोस्टेरोन का लेवल घटा सकते हैं:
डायबिटीज
मेटाबोलिक डिसऑर्डर
उच्च रक्तचाप
किडनी की समस्या
सोते समय सांस ठीक से न आना

टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम होने के लक्षण क्या हैं?

यौन संकेत और लक्षण:

कम सेक्स ड्राइव
इरेक्शन में कठिनाई (लिंग में तनाव की कमी)
ओर्गेज्म में कठिनाई (संभोग के सुख से वंचित)
कम एजाकुलेशन (शीघ्रपतन)
कम शुक्राणु
बांझपन
सामान्य लक्षण 
कम मसल्स मास
उर्जा और शक्ति की कमी
कमजोरी
स्नायु और जोड़ों में दर्द
वसा या मोटापे में वृद्धि
स्तनों का बढ़ जाना या सूजन
शरीर पर, चेहरे पर कम बाल
हड्डी की घनत्व में कमी, हड्डी का फ्रैक्चर या ऑस्टियोपोरोसिस
ऊंचाई कम होना
रात को पसीनाआना या हॉट फ्लश
थकान
चिड़चिड़ा, उदास लगना
यादास्त की कमी

 

टेस्टोस्टेरोन के लिए क्या  टेस्ट होता है?

 

आपके रक्त में से ज्यादातर टेस्टोस्टेरोन दो प्रोटीन को जोड़ता है.: एल्बूमिन और सेक्स हार्मोन बाइंडिंग ग्लोब्युलिन (एसएचबीजी)। कुछ टेस्टोस्टेरोन प्रोटीन से जुड़ा है..नि: शुल्क – किसी भी प्रोटीन से जुड़ा नहीं है. उसे मुफ्त टेस्टोस्टेरोन और एल्ब्यूमिन-बाउंड टेस्टोस्टेरोन को जैव-उपलब्ध टेस्टोस्टेरोन कहा जाता है.। यह टेस्टोस्टेरोन आपके शरीर द्वारा आसानी से उपयोग किया जाता है.. यदि आप के डॉक्टर को लगता है.. कि आपके पास कम या उच्च टेस्टोस्टेरोन है.. तो वह पहले टेस्टोस्टेरोन के कुल स्तरों का टेस्ट करेगा. यह टेस्टोस्टेरोन के सभी तीन भागों में दिखता है. मुफ्त टेस्टोस्टेरोन कुल टेस्टोस्टेरोन कम होने पर अधिक जानकारी देने में सहायता कर सकता है..

टेस्टोस्टेरोन का स्तर कैसे मापा जाता है?

 टेस्टोस्टेरोन को नापने के लिए ब्लड टेस्ट किया जाता है।

पुरुषों में सामान्य रेंज: 300 to 1,000 nanograms per deciliter (ng/dL) or 10.41 to 34.70 nanomoles per liter (nmol/L)

 टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने  के घरेलू  इलाज क्या है?

  1. जिंक युक्त आहार लें।
  2. कद्दू, सूर्यमुखी के बीजों का सेवन करें।
  3. सोयाबीन खाएं।
  4. सेब, केले, अंगूर, संतरे, पपीता, अनार खाएं।
  5. लहसुन, मशरूम को भोजन में शामिल करें।
  6. विटामिन बी 6, बायोटिन लें।
  7. चवनप्राश खाएं।
  8. प्रोटीन युक्त आहार लें।
  9. ताज़े फल और सब्जी खाएं।
  10. दूध पियें।
  11. ड्राई फ्रूट्स खाएं।
  12. हल्दी का सेवन करें।
  13. धूप में जाएँ जिससे शरीर को विटामिन डी मिले।

कम टेस्टोस्टेरोन एलॉपथी इलाज क्या है?

टेस्टोस्टेरोन के कम स्तर को एलॉपथी में टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी testosterone replacement

therapy (TRT) द्वारा सही किया जाता है। इसमें टेस्टोस्टेरोन को शरीर में दवाओं, इंजेक्शन, जेल, इम्प्लांट पेलेट द्वारा शरीर में पहुंचाया जाता है।
टेस्टोस्टेरोन एक हॉर्मोन है और यदि टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी की जा रही है तो इसे केवल डॉक्टर की देख रेख में ही करवाएं। इस प्रकार बढ़ाये जाने पर यदि टेस्टोस्टेरोन का स्तर सामान्य से अधिक हो जाता है तो यह शरीर के लिए अत्यंत हानिकारक है तथा इससे वृषण शोष, पुरुष पैटर्न गंजापन, लाल रक्त कोशिकाओं की बढ़ोतरी, उच्च रक्तचाप, स्ट्रोक,छाती का आकार महिला की तरह बढ़ जाना Gynecomastia प्रोस्टेट बढ़ने का खतरा और सोडियम और पानी प्रतिधारण आदि हो सकता है। 

टेस्टोस्टेरोन के लिए किस डॉक्टर दिखाना होता है। 

 

टेस्टोस्टेरोन की समस्या या फिर किसी भी हॉर्मोनल समस्या के लिए एंडोक्राइनोलॉजिस्ट (Endocrinologist) को  दिखाना होता है। 

 

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